
इक़ना के अनुसार, इस वीडियो में, यासिर अल-शरक़ावी सूरह मुबारका यूसुफ़ (पीबीयूएच) की आयत 23 का पाठ करते हैं:
«وَرَاوَدَتْهُ الَّتِي هُوَ فِي بَيْتِهَا عَنْ نَفْسِهِ وَغَلَّقَتِ الْأَبْوَابَ وَقَالَتْ هَيْتَ لَكَ قَالَ مَعَاذَ اللَّهِ إِنَّهُ رَبِّي أَحْسَنَ مَثْوَايَ إِنَّهُ لَا يُفْلِحُ الظَّالِمُونَ: और वह औरत कि जिसके घर में वह थे उसन उससे ग़लत काम लेना चाहा और दरवाज़े बंद कर दिए [लगातार] और उसने कहा, "आओ, यह करो [यूसुफ़]ने कहा, "भगवान की शरण, वह मेरा स्वामी है, उसने मुझे अच्छी जगह दी है, निस्संदेह ज़ालिम बच नहीं पाएंगे।
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